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शरीर में दिखाई देने लगे ये 5 बदलाव तो समठलीजिठदिमाग होने लगा कमजोर! हो चà¥à¤•े हैं इस दिमागी बीमारी का शिकार
थोड़ा बहà¥à¤¤ चीजों को à¤à¥‚लना सà¤à¥€ आयॠवरà¥à¤— के लोगों में सामानà¥à¤¯ माना जाता है। à¤à¤¸à¤¾ सà¤à¥€ लोगों के साथ होता है, जब हम अपने बटà¥à¤ या कार की चाबियां कहीं रखकर à¤à¥‚ल जाते हैं या फिर अपने किसी साथी का नाम बहà¥à¤¤ बार याद करने पर à¤à¥€ à¤à¥‚ल जाते हैं, खासकर जब वो दोसà¥à¤¤ कई साल बाग मिला हो तो। दरअसल हमारा दिमाग दिन की विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ गतिविधियों को मैनेज करने में इतना वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ रहता है कि हम कà¤à¥€-कà¤à¥€ छोटी-छोटी बातों को याद रखने में दिकà¥à¤•त महसूस करते हैं। ये समसà¥à¤¯à¤¾ तब और बढ़ जाती है, जब हम हमारी रोजाना की गतिविधियों को करने में दिकà¥à¤•त महसूस करने लगते रहैं।
उमà¥à¤° के साथ किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है, जिसे डिमेंशिया कहते हैं, जिसमें हमारा दिमाग चीजों को याद रखने में कमजोर हो जाता है। यह कोई विशिषà¥à¤Ÿ बीमारी नहीं है इसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ याददाशà¥à¤¤ कमजोर होने के साथ-साथ फैसला लेने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ खो देता है। कà¥à¤› अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चला है कि डिमेंशिया की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से पहले हमारा शरीर कà¥à¤› चेतावनी à¤à¤°à¥‡ संकेत देता है। दिमाग से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है और न ही इसे रोका जा सकता है लेकिन इसके संकेतों को पहचानकर उपचार जलà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ करने से आपको इस बीमारी को बेहतर तरीके से कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने में मदद मिलती है। आइठजानते हैं डिमेंशिया के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकेत।
कौन कà¥à¤¯à¤¾ कह रहा है इसका पता लगाने में असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾
ऑकà¥à¤¸à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¡ के शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठगठà¤à¤• नठअधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, शोरगà¥à¤² वाले वातावरण में कौन कà¥à¤¯à¤¾ कह रहा है इसका पता लगाने में असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾ à¤à¥€ डिमेंशिया के बढ़ते जोखिम का à¤à¤• शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकेत है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ को आमतौर पर à¤à¤• दोष के संकेत के रूप में जाना जाता है लेकिन ऑकà¥à¤¸à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¡ के शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने इसे डिमेंशिया से जोड़कर देखा है।
कमजोर याददाशà¥à¤¤
कमजोर याददाशà¥à¤¤ डिमेंशिया के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अकà¥à¤¸à¤° चीजों को याद रखने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल होती है। à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हर छोटी-मोटी चीजों को याद रखने के लिठअपने परिवार और दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ पर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ करते हैं। वे लोग, जो कà¤à¥€-कà¤à¥€ किसी बात को à¤à¥‚ल जाते हैं और बाद में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वो चीज याद आ जाती है तो उसे डिमेंशिया कहते हैं। यह सिरà¥à¤« आपकी उमà¥à¤° से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है।
रोजाना के काम करने में कठिनाई
डिमेंशिया जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठà¤à¤• कप चाय बनाने से लेकर कंपà¥à¤¯à¥‚टर चलाने जैसे बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ रोजाना के काम करने में à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाती है। ये कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ काम हैं, जो आपने कई वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से किठहोंगे लेकिन इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का शिकार होने पर आप फिर à¤à¥€ इसे पूरा करने में दिकà¥à¤•त महसूस करेंगे। आपको घर के काम करने में à¤à¥€ कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
बातचीत के लिठसही शबà¥à¤¦ का चयन
डिमेंशिया से पीड़ित लोग अकà¥à¤¸à¤° बातचीत या फिर अपनी बात को कहने में सही शबà¥à¤¦ शामिल नहीं कर पाते हैं। वे अकà¥à¤¸à¤° à¤à¥‚ल जाते हैं कि वे किस बारे में बात कर रहे थे या दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने कà¥à¤¯à¤¾ कहा है। à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के साथ बातचीत करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है।
मूड चेंज
बार-बार मूड बदलने से आप डिमेंशिया के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को आसानी से पहचान सकते हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€ आप हंसमà¥à¤– होते हैं और दूसरे ही पल गंà¤à¥€à¤° दिख सकते हैं। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ में धीरे-धीरे बदलाव आà¤à¤—ा, जो काफी सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होगा। अवसाद से पीड़ित लोगों को à¤à¥€ इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के विकसित होने का खतरा होता है।
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